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Friday, January 30, 2009

सोच के बारे में सोच

पोस्‍ट नंबर : 5

       जीवन की एक सहज प्रक्रिया है सोचना। शायद जीवन का सब कुछ यहीं से शुरू होता है। मानव का अमोघ अस्‍त्र है सोच, अच्‍छी सोच, जागरूक सोच, वैज्ञानिक सोच, साहित्यिक सोच, सामाजिक सोच, आध्‍यात्मिक सोच, आत्मिक सोच ............... सोच ही सोच। तो प्‍यारे :

कल की सोच, 
आज की सोच,
आने वाले 
कल की सोच।

जनने की सोच,
पालने की सोच,
पाने की सोच,
त्‍यागने की सोच।

मारने की सोच,
मरने की सोच, 
मिटने की सोच,
मिटाने की सोच।

लूटने की सोच,
लुटाने की सोच,
पढ़ने की सोच, 
पढ़ाने की सोच।

छपने की सोच,
छपाने की सोच
सोच ही सोच ,
अरे भाई सोच,
जम कर सोच।
मगर सबसे पहले
अपनी सोच के
बारे में सोच।

From the desk of : MAVARK